Ticker

10/recent/ticker-posts

Aafreen Aafreen Lyric in Hindi - आफरीं आफरीं हिंदी लिरिक्स





Aafreen Aafreen - आफरीं आफरीं




Aafreen Aafreen - आफरीं आफरीं

















Table of Content Song Details
1.Romantic Songs 2020-2029 List
2.Romantic Songs 2010-2019 List
3.Romantic Songs 2000-2009 List
4.Romantic Songs 1990-1999 List
5.Romantic Songs 1980-1989 List
6.Romantic Songs 1970-1979 List
7.Romantic Songs 1960-1969 List
8.Romantic Songs 1950-1959 List
9.Romantic Songs 1940-1949 List





Download MP3 Song / RINGTONE / HD QUALITY VIDEO Now:




Download



DownloadAafreen Aafreen - Mp3 Song by Nusrat Fateh Ali Khan,Aafreen Aafreen in 190kbs & 320Kbps only on https://downloadbhajanmp3.blogspot.com/. From New Music Album "Sangam (1996) - Mp3 Songs". Free Download or listen online - in HD High Quality Audio.




WATCH VIDEO IN HD QUALITY





यह भी देखें - You May Also Like







Read Lyric in Hindi





उसने जाना की तारीफ़ मुमकिन नहीं

आफरीं-आफरीं...

तू भी देखे अगर, तो कहे हमनशीं

आफरीं-आफरीं...

हुस्न-ए-जाना...




ऐसा देखा नहीं खूबसूरत कोई

जिस्म जैसे अजंता की मूरत कोई

जिस्म जैसे निगाहों पे जादू कोई

जिस्म नगमा कोई, जिस्म खुशबू कोई

जिस्म जैसे मचलती हुई रागिनी

जिस्म जैसे महकती हुई चांदनी

जिस्म जैसे के खिलता हुआ इक चमन

जिस्म जैसे के सूरज की पहली किरण

जिस्म तरशा हुआ दिलकश-ओ-दिलनशीं

संदली-संदली, मरमरी-मरमरी

आफरीं-आफरीं...




चेहरा इक फूल की तरह शादाब है

चेहरा उसका है या कोई महताब है

चेहरा जैसे ग़ज़ल, चेहरा जाने ग़ज़ल

चेहरा जैसे कली, चेहरा जैसे कँवल

चेहरा जैसे तसव्वुर भी, तस्वीर भी

चेहरा इक ख्वाब भी, चेहरा ताबीर भी

चेहरा कोई अलिफ़ लैल की दास्ताँ

चेहरा इक पल यकीं, चेहरा इक पल गुमां

चेहरा जैसा के चेहरा कहीं भी नहीं

माहरू-माहरू, महजबीं-महजबीं

आफरीन आफरीन...




आँखें देखी तो मैं देखता रह गया

जाम दो और दोनों ही दो आतशां

आँखें या मैकदे की ये दो बाब हैं

आँखें इनको कहूँ, या कहूँ ख्वाब हैं

आँखें नीचे हुईं तो हया बन गयीं

आँखें ऊँची हुईं तो दुआ बन गयीं

आँखें उठाकर झुकीं तो अदा बन गयीं

आँखें झुकाकर उठीं तो कदा बन गयीं

आँखें जिनमें है क़ैद आसमां और ज़मीं

नरगिसी-नरगिसी, सुरमई-सुरमई

आफरीन-आफरीन...




ज़ुल्फ़-ए-जाना की भी लम्बी है दास्ताँ

ज़ुल्फ़ की मेरे दिल पर है परछाईयाँ

ज़ुल्फ़ जैसे के उमड़ी हुई हो घटा

ज़ुल्फ़ जैसे के हो कोई काली बला

ज़ुल्फ़ उलझे तो दुनिया परेशान हो

ज़ुल्फ़ सुलझे तो ये दीद आसान हो

ज़ुल्फ़ बिखरे सियाह रात छाने लगी

ज़ुल्फ़ लहराए तो रात जाने लगी

ज़ुल्फ़ ज़ंजीर है, फिर भी कितनी हसीं

रेशमी-रेशमी, अम्बरी-अम्बरी

आफरीं-आफरीं...






Pleas Like And Share This @ Your Facebook Wall We Need Your Support To Grown UP | For Supporting Just Do LIKE | SHARE | COMMENT ...





CATEGORIES



Print Friendly and PDF

Post a Comment

0 Comments